अर्थशास्त्र परिचय - प्रश्नोत्तर 1

CBSE कक्षा 11 अर्थशास्त्र
परिचय
महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

3-4 अंक वाले प्रश्न
प्र. 1. उत्पादन सम्भावना वक्र अवतल (नतोदर) क्यों होता है? समझाइए।
उत्तर- उत्पादन सम्भावना वक्र के नतोदर होने का अर्थ है कि जैसे-जैसे हम वक्र पर नीचे की ओर आते हैं, सीमांत रूपांतरण दर बढ़ती जाती है। सीमान्त रूपान्तरण दर इस मान्यता के आधार पर बढ़ती है कि कोई भी संसाधन सभी वस्तुओं के उत्पादन में समान रूप से सक्षम नहीं होता। जैसे-जैसे संसाधनों का एक वस्तु के उत्पादन से अन्य वस्तु के उत्पादन में हस्तान्तरण किया जाता है तो कम क्षमता वाले संसाधनों का प्रयोग करना पड़ता है। इससे लागत बढ़ती है और सीमान्त रूपान्तरण दर बढ़ती जाती है।
प्र. 2. एक उत्पादन सम्भावना वक्र की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर- उत्पादन सम्भावना वक्र की दो मुख्य विशेषताएँ :
  1. त्पादन सम्भावना सीमा का ढलान नीचे की ओर होता है- इसका कारण है कि उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की स्थिति में दोनों वस्तुओं के उत्पादन को एक साथ नहीं बढ़ाया जा सकता है। एक वस्तु का उत्पादन तभी अधिक किया जा सकता है जब दूसरी वस्तु का उत्पादन कम किया जाए।
  2. मूल बिन्दु की ओर नतोदर होता है- इसका कारण यह है कि जैसे-जैसे हम एक वस्तु का अधिक उत्पादन करते हैं, सीमान्त रूपान्तरण दर बढ़ती जाती है।
प्र. 3. ‘क्या उत्पादन करें’ की समस्या की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- एक अर्थव्यवस्था अपने दिए हुए संसाधनों से वस्तुओं और सेवाओं के विभिन्न सम्भव सम्मिश्रणों का उत्पादन कर सकती है। समस्या यह है कि अर्थव्यवस्था इन सम्मिश्रणों में से किस सम्मिश्रण का चयन करे। यह वस्तुओं व सेवाओं के चयन की समस्या है। यदि एक वस्तु का उत्पादन अधिक किया जाता है तो अन्य वस्तुओं के उत्पादन के लिए कम संसाधन बचेंगे। अतः अर्थव्यवस्था के समक्ष यह समस्या होती है कि किन-किन वस्तुओं का उत्पादन कितनी-कितनी मात्रा में किया जाए।
प्र. 4. ‘रूपान्तरण की सीमान्त दर’ क्या है? एक उदारहण की सहायता से समझाइए।
उत्तर- दो वस्तुएँ उत्पादित करने वाली अर्थव्यवस्था में एक वस्तु की अतिरिक्त इकाई उत्पादित करने के लिए दूसरी वस्तु की जितनी इकाईयों का त्याग करना पड़ता है उसे रूपान्तरण की सीमान्त दर कहते हैं। माना एक अर्थव्यवस्था केवल दो वस्तुओं x तथा y का उत्पादन करती है। जब संसाधनों का पूर्ण तथा कुशलतम प्रयोग किया जाता है, तो अर्थव्यवस्था में 1x + 10y उत्पादन होता है। यदि अर्थव्यवस्था 2x वस्तुओं का उत्पादन करना चाहती है तो y वस्तु का उत्पादन 2 इकाई कम करना पड़ता है। दूसरे शब्दों में x वस्तु की अतिरिक्त इकाई का उत्पादन करने के लिए 2y इकाई का त्याग करना पड़ेगा। रूपान्तरण की सीमान्त दर 2y : 1X होगी। MRT=ΔYΔX
प्र. 5. 'किस प्रकार उत्पादन किया जाए?’ की समस्या की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- यह समस्या वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में प्रयुक्त तकनीक के चयन की समस्या है। सामान्यतः तकनीकों को श्रम प्रधान तकनीक (अधिक श्रम और कम पूँजी) और पूँजी प्रधान तकनीक (अधिक पूँजी और कम श्रम) में वर्गीकृत किया जाता है। श्रम प्रधान तकनीक में अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है, परन्तु उत्पादन पूँजी प्रधान तकनीक की तुलना में कम होता है। इसी प्रकार पूँजी प्रधान तकनीक में उत्पादन अपेक्षाकृत अधिक होता है, लेकिन रोजगार का स्तर अपेक्षाकृत कम होता है। अतः देश के समक्ष यह समस्या है कि वह उत्पादन के लिए किस तकनीक का चयन करें।
उदाहरण के लिए कपड़े का उत्पादन श्रम प्रधान तकनीक से भी हो सकता है, पूँजी प्रधान तकनीक से भी।
प्र. 6. सरकार ने उन श्रमिकों के लिए जो MNREGA के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं, एक वर्ष के दौरान न्यूनतम रोजगार को 100 से बढ़ाकर 150 दिन कर दिया है। यह अर्थव्यवस्था के वास्तविक तथा संभावित उत्पादन स्तर को कैसे प्रभावित करेगा?
उत्तर- रोजगार में वृद्धि के कारण उत्पादन का वास्तविक स्तर बढ़ जाएगा। उत्पादन के संभावित स्तर में वृद्धि नहीं होगी। (या PPC में खिसकाव नहीं होगा) क्योंकि PPC इस मान्यता पर आधारित है कि विद्यमान संसाधनों का पूर्ण प्रयोग किया जाता है।
प्र. 7. ‘किसके लिए उत्पादन किया जाए’ केन्द्रीय समस्या समझाइए।
उत्तर- इस समस्या का सम्बन्ध उस वर्ग के लोगों के चयन से है जो अंततः वस्तुओं का उपभोग करेंगे। दूसरे शब्दों में इस समस्या का अर्थ है कि उत्पादन किस वर्ग को ध्यान में रखकर किया जाए-अमीर लोगों के लिए उत्पादन किया जाए या गरीब लोगों के लिए। स्पष्टतः वस्तुओं का उत्पादन उन लोागें के लिए किया जाता है जिनके पास क्रयशक्ति होती है। इस समस्या का सम्बन्ध उत्पादन के साधनों (भूमि, पूँजी, श्रम, साहस) के बीच आय के वितरण से भी है, जो कि उत्पादन प्रक्रिया में योगदान देते हैं।
प्र. 8. कारण बताते हुए निम्नलिखित तालिका पर आधारित उत्पादन सम्भावना के आकार पर टिप्पणी कीजिए :
वस्तु X (इकाई)01234
वस्तु Y (इकाई)109740
उत्तर-
वस्तु X (इकाई)वस्तु Y (इकाई)MRT
010-
191Y : 1X
272Y : 1Χ
343Y : 1X
404Y : 1X
क्योंकि रूपान्तरण की सीमान्त दर (MRT) बढ़ रही है, उत्पादन सम्भावना वक्र PPC ऋणात्मक ढाल वाला होगा और मूल बिन्दु को नतोदर होगा।
प्र. 9. जम्मू और कश्मीर में आई बाढ़ का उसकी उत्पादन सम्भावना सीमा (वक्र) पर प्रभाव की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- जम्मू और कश्मीर में आई बाढ़ से उसके संसाधनों को नुकसान होगा, उसमें कमी आएगी। परिणाम स्वरूप उसकी उत्पादन क्षमता में कमी होगी और उसका उत्पादन सम्भाना वक्र बायीं ओर खिसक जाएगा।

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