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अर्थशास्त्र परिचय - प्रश्नोत्तर 1

CBSE कक्षा 12 परिचय अर्थशास्त्र महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर 3-4 अंक वाले प्रश्न प्र. 1. उत्पादन सम्भावना वक्र अवतल (नतोदर) क्यों होता है? समझाइए। उत्तर-  उत्पादन सम्भावना वक्र के नतोदर होने का अर्थ है कि जैसे-जैसे हम वक्र पर नीचे की ओर आते हैं, सीमांत रूपांतरण दर बढ़ती जाती है। सीमान्त रूपान्तरण दर इस मान्यता के आधार पर बढ़ती है कि कोई भी संसाधन सभी वस्तुओं के उत्पादन में समान रूप से सक्षम नहीं होता। जैसे-जैसे संसाधनों का एक वस्तु के उत्पादन से अन्य वस्तु के उत्पादन में हस्तान्तरण किया जाता है तो कम क्षमता वाले संसाधनों का प्रयोग करना पड़ता है। इससे लागत बढ़ती है और सीमान्त रूपान्तरण दर बढ़ती जाती है। प्र. 2. एक उत्पादन सम्भावना वक्र की विशेषताएँ बताइए। उत्तर-  उत्पादन सम्भावना वक्र की दो मुख्य विशेषताएँ : उ त्पादन सम्भावना सीमा का ढलान नीचे की ओर होता है-  इसका कारण है कि उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की स्थिति में दोनों वस्तुओं के उत्पादन को एक साथ नहीं बढ़ाया जा सकता है। एक वस्तु का उत्पादन तभी अधिक किया जा सकता है जब दूसरी वस्तु का उत्पादन कम किया जाए। मूल बिन्दु की ओर नतोदर ...

अर्थशास्त्र परिचय- प्रश्नोत्तर 2

CBSE कक्षा 12 परिचय अर्थशास्त्र महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर अति लघु उत्तर वाले प्रश्न (1 अंक) प्र. 1. अर्थव्यवस्था को परिभाषित कीजिए। उत्तर-  ‘अर्थव्यवस्था वह प्रणाली है जो लोगों को जीविका अर्जित करने के साधन और जीविका प्रदान करती है।’ प्र. 2. संसाधनों की दुर्लभता का क्या अर्थ है? उत्तर-  संसाधनों की दुर्लभता से अभिप्राय उस स्थिति से है जिसमें किसी संसाधन की पूर्ति, उसकी माँग की तुलना में कम होती हैं। प्र. 3. आर्थिक समस्या का अर्थ लिखिए। उत्तर-  आर्थिक समस्या असीमित आवश्यकताओं की संतुष्टि हेतु, वैकल्पिक उपयोग वाले दुर्लभ संसाधनों के उपयोग के चयन की समस्या है। प्र. 4.  MRT (सीमांत रूपान्तरण की दर) को परिभाषित कीजिए। उत्तर-  MRT एक वस्तु Y की इकाईयों का वह अनुपात है जिसे दूसरी वस्तु X की एक अतिरिक्त इकाई के लिए उत्पादन के लिये त्याग किया जाता है। M R T = Δ Y Δ X M R T = Δ Y Δ X प्र. 5. अवसर लागत को परिभाषित कीजिए। उत्तर-  एक अवसर का चयन करने पर दूसरे सर्वश्रेष्ठ अवसर का किया गया त्याग अवसर लागत कहलाता है। प्र. 6. सरकार ने विदेशी पूँजी को प्रस्तावित करना शुरु कर ...

अर्थशास्त्र परिचय - प्रश्न-उत्तर 1

CBSE Class 12 समष्टि अर्थशास्त्र NCERT Solutions पाठ - 1 परिचय व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र में क्या अंतर है? उत्तर- व्यष्टि अर्थशास्त्र समष्टि अर्थशास्त्र 1. व्यष्टि अर्थशास्त्र व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक संबंधों अथवा आर्थिक समस्याओं का अध्ययन करता हैं। 1. समष्टि अर्थशास्त्र संपूर्ण अर्थव्यवस्था के स्तर पर आर्थिक संबंधों अथवा आर्थिक समस्याओं का अध्ययन करता हैं। 2. व्यष्टि अर्थशास्त्र मुख्यतः एक व्यक्तिगत फर्म अथवा उद्योग में उत्पादन तथा कीमत के निर्धारण से संबंधित हैं। 2. समष्टि अर्थशास्त्र का संबंध मुख्यतः संपूर्ण अर्थव्यवस्था में कुल उत्पादन तथा सामान्य कीमत स्तर के निर्धारण से हैं। 3. इसके मुख्य उपकरण माँग और पूर्ति है। 3. इसके मुख्य उपकरण समग्र माँग व समग्र पूर्ति है। 4. व्यष्टि अर्थशास्त्र के अध्ययन की यह मान्यता है कि समष्टि पर स्थिर रहते हैं। उदाहरणार्थ, जब हम फर्म या उद्योग से उत्पादन तथा कीमत के निर्धारण का अध्ययन करते हैं तो यह मान लिया जाता है कि बिल्कुल राष्ट्रीय उत्पादन स्थिर रहता है। 4. समष्टि अर्थशास्त्र क...

अर्थशास्त्र परिचय - प्रश्न-उत्तर 2

CBSE Class 12 व्यष्टि अर्थशास्त्र NCERT Solutions पाठ - 1 परिचय अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याओं की विवेचना कीजिए। उत्तर-  अर्थव्यवस्था की केन्द्रीय समस्याएँ इस प्रकार हैं- किन वस्तुओं का उत्पादन किया जाए और कितनी मात्रा में - प्रत्येक समाज को यह निर्णय करना होता है कि यह किन वस्तुओं का उत्पादन करें और कितनी मात्रा में। यदि एक प्रकार की वस्तुओं का उत्पादन अधिक किया जाए तो अर्थव्यवस्था में दूसरी प्रकार की वस्तुओं का उत्पादन कम हो सकता है तथा विपरीत। एक अर्थव्यवस्था को यह निर्धारित करना पड़ता है कि वह खाद्य पदार्थों का उत्पादन करे या मशीनों का, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर खर्च करे या सैन्य सेवाओं के गठन पर, उपभोक्ता वस्तुएँ बनाए या पूँजीगत वस्तुएँ। वस्तुओं का उत्पादन कैसे करें - सभी वस्तुओं का उत्पादन कई तकनीकों द्वारा हो सकता हैं किसी वस्तु के उत्पादन में श्रम प्रधान तकनीक का प्रयोग करें या पूंजी प्रधान तकनीक का, यह निर्णय लेना होता हैं। इसके लिए निर्णायक सिद्धान्त यह है कि ऐसी तकनीक का प्रयोग करें, जिसका औसत उत्पादन लागत उत्पादन न्यूनतम हों। उत्पादन किसके लिए करें - अर्थव्यवस्था में ...

अर्थशास्त्र परिचय - नोट्स 1

CBSE कक्षा 12 अर्थशास्त्र पाठ - 1 परिचय पुनरावृत्ति नोट्स स्मरणीय बिन्दु- अर्थशास्त्रियों ने आर्थिक सिद्धांत को मोटे रूप में दो शाखाओं में बाँटा है-व्यष्टिगत-अर्थशास्त्र और समष्टिगत-अर्थशास्त्र। यदि हम किसी देश की अर्थव्यवस्था को संपूर्ण रूप से देखें तो हम पाएँगे कि अर्थव्यवस्था में सभी वस्तुओं और सेवाओं के निर्गत के स्तरों में एक साथ संचलन की प्रवृत्ति होती है। यदि किसी अर्थव्यवस्था के विभिन्न उत्पादन इकाइयों से समस्त निर्गत का स्तर, कीमत स्तर या रोजगार का स्तर एक-दूसरे से निकट संबंधित हो, तो संपूर्ण अर्थव्यवस्था का विश्लेषण कार्य अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। समष्टि अर्थशास्त्र का उद्भव विश्व में 1930 से पहले परंपरावादी अर्थशास्त्रियों की विचारधारा प्रचलित व मान्य थी कि 'अर्थव्यवस्था में सदा पूर्ण रोजगार की स्थिति पाई जाती है।' परंतु 1929-33 की विश्वव्यापी महामंदी की घटना ने परंपरावादी मान्यता को चूर-चूर कर दिया। मंदी के कारण अमेरिका व अन्य विकसित देशों के उत्पादन आय व रोजगार में आई भारी गिरावट का परंपरावादी जवाब नहीं दे सके। मंदी की ऐसी गंभीर स्थिति ने अर्थशास्त्रियों को व्यष्...

अर्थशास्त्र परिचय - नोट्स 2

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CBSE कक्षा 12 अर्थशास्त्र पाठ - 1 परिचय पुनरावृत्ति नोट्स स्मरणीय बिन्दु- मनुष्य की आवश्यकताएं उपलब्ध साधनों की तुलना में कहीं अधिक होती हैं। यह संसाधनों की दुर्लभता को जन्म देता हैं। संसाधनों की दुर्लभता जीवन का एक ऐसा सत्य है जिसने अर्थशास्त्र को जन्म दिया है। संसाधन केवल दुर्लभ नहीं होते, उनके वैकल्पिक प्रयोग भी होते हैं। इससे चयन की समस्या उत्पन्न होती हैं। चयन की समस्या (Problem of choice) दुर्लभ संसाधनों के वैकल्पिक प्रयोगों के आबंटन से संबंधित हैं। अर्थशास्त्र की परिभाषा अर्थशास्त्र दुर्लभता की स्थिति में चयन से संबंधित व्यवहार का अध्ययन हैं। दूसरे शब्दों में, अर्थशास्त्र एक विषय है, वस्तु है जो दुर्लभ संसाधन जिनके वैकल्पिक उपयोग हैं के विवेकशील प्रयोग पर केन्द्रित हैं जिससे आर्थिक कल्याण अधिकतम हों। व्यष्टि अर्थशास्त्र तथा समष्टि अर्थशास्त्र व्यष्टि अर्थशास्त्र - यह आर्थिक सिद्धान्त की वह शाखा हैं जिसके अन्तर्गत अर्थव्यवस्था की व्यक्तिगत इकाइयों का अध्ययन किया जाता हैं। उदाहरण-व्यक्तिगत उपभोक्ता का संतुलन, उद्योग का संतुलन, व्यक्तिगत वस्तु या साधन का कीमत निर्धारण व्यक्तिगत माँ...